सहमी सी रात में तनहा था मै,
तन्हाई थी घिरी, और सहमा था मै !!
कई वादे थे टूटे, मेरा दिल भी था टुटा,
दुनिया की भीड़ में, बड़ा तनहा था मै !!
कहने को कितने यार-यगाने थे मेरे,
जीने के और भी बहाने थे मेरे,
एक वक़्त था, जब किसी का गहना था मै,
पर आज की रात, बड़ा तनहा था मै !!
छोर आये अपनी ख़ुशी किसी और की आखो में,
सौप दी अपनी अमानत, किसी और की बाहों में,
नींद है रूठी हुई, राते मेरी जागी हुई,
कैसे बीतेगी ये रात, सहमा तनहा था मै,
सहमी सी रात में तनहा था मै,
तन्हाई थी घिरी, और सहमा था मै !!
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