Sunday, 24 October 2010

एक चेहरा चाँद सा

एक चेहरा चाँद सा,

अमावास को चीरता,
सन्नाटे में चीखता,
बारिस में भींगता,
सवच्छ निर्मल शांत सा !
एक चेहरा चाँद सा !!

आखो में झांकता,
खुद से भागता,
नींद में जागता,
भीड़ में एकांत सा,
एक चेहरा चाँद सा !!

आखो में डूबकर,
चलते हुए मुड़कर,
हौले हौले थमकर,
मेरे दिल को संभालता,
एक चेहरा चाँद सा !!

अदाओ में नजाकत,
दिल में मोहब्बत,
आखो में सिकायत,
जैसे तीर में कमान था,
एक चेहरा चाँद सा !!

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