NAZAR
Wednesday, 15 January 2025
Tuesday, 8 March 2011
इंतज़ार
यु इंतज़ार में तुझे याद करना,
आसमां को देख फरियाद करना,
तेरी बिंदिया को चाँद समझना,
तेरी आखो को सितारा समझना,
अच्छा लगता है !!
चाँद से चेहरे का दीदार करना,
जान से जायदा तुझे प्यार करना,
सोच के तुझे मुस्कुराना,
नजरो से नज़र मिलाना,
अच्छा लगता है !!
ख्वाहिश शहद में घुली आवाज़ सुनने की,
ख्वाहिश तुझे हसता देखते रहने की,
ख्वाहिश तेरे दिल में बसने की,
ख्वाहिश बस तेरे संग चलने की,
उम्र के उस पड़ाव तक,
जहा जिन्दगी साथ नहीं देती !!
आसमां को देख फरियाद करना,
तेरी बिंदिया को चाँद समझना,
तेरी आखो को सितारा समझना,
अच्छा लगता है !!
चाँद से चेहरे का दीदार करना,
जान से जायदा तुझे प्यार करना,
सोच के तुझे मुस्कुराना,
नजरो से नज़र मिलाना,
अच्छा लगता है !!
ख्वाहिश शहद में घुली आवाज़ सुनने की,
ख्वाहिश तुझे हसता देखते रहने की,
ख्वाहिश तेरे दिल में बसने की,
ख्वाहिश बस तेरे संग चलने की,
उम्र के उस पड़ाव तक,
जहा जिन्दगी साथ नहीं देती !!
Monday, 8 November 2010
कोमल कल्पना
कोमल कल्पना को तोलकर, भावो को शब्दों में बोलकर,
पा लू मै भींगी कामना, पी लू यादो को घोलकर !
ना करू सच का सामना, ना ही कोई और कामना,
बस आखिरी सांस भी निकले तो तेरा नाम बोलकर !!
दुःख के गर्भ में, अंतिम वर्ष में, एहसास तुम्हारा हो,
यही थकती आखो से प्राथना है हाथ जोड़कर !
धुंधली आखो को आसूओ ने दिया है उजाला,
थमती सासों को धड़कन दिया तेरा नाम बोलकर !!
अब भी अंकित है मेरे दिल में तेरी छवि,
पर बढ़ते कदम थम जाते है कुछ सोचकर !!
पा लू मै भींगी कामना, पी लू यादो को घोलकर !
ना करू सच का सामना, ना ही कोई और कामना,
बस आखिरी सांस भी निकले तो तेरा नाम बोलकर !!
दुःख के गर्भ में, अंतिम वर्ष में, एहसास तुम्हारा हो,
यही थकती आखो से प्राथना है हाथ जोड़कर !
धुंधली आखो को आसूओ ने दिया है उजाला,
थमती सासों को धड़कन दिया तेरा नाम बोलकर !!
अब भी अंकित है मेरे दिल में तेरी छवि,
पर बढ़ते कदम थम जाते है कुछ सोचकर !!
Sunday, 24 October 2010
एक चेहरा चाँद सा
एक चेहरा चाँद सा,
अमावास को चीरता,
सन्नाटे में चीखता,
बारिस में भींगता,
सवच्छ निर्मल शांत सा !
एक चेहरा चाँद सा !!
आखो में झांकता,
खुद से भागता,
नींद में जागता,
भीड़ में एकांत सा,
एक चेहरा चाँद सा !!
आखो में डूबकर,
चलते हुए मुड़कर,
हौले हौले थमकर,
मेरे दिल को संभालता,
एक चेहरा चाँद सा !!
अदाओ में नजाकत,
दिल में मोहब्बत,
आखो में सिकायत,
जैसे तीर में कमान था,
एक चेहरा चाँद सा !!
अमावास को चीरता,
सन्नाटे में चीखता,
बारिस में भींगता,
सवच्छ निर्मल शांत सा !
एक चेहरा चाँद सा !!
आखो में झांकता,
खुद से भागता,
नींद में जागता,
भीड़ में एकांत सा,
एक चेहरा चाँद सा !!
आखो में डूबकर,
चलते हुए मुड़कर,
हौले हौले थमकर,
मेरे दिल को संभालता,
एक चेहरा चाँद सा !!
अदाओ में नजाकत,
दिल में मोहब्बत,
आखो में सिकायत,
जैसे तीर में कमान था,
एक चेहरा चाँद सा !!
एकांत
दोपहर की उमस में,
उदास मन,
गरम हवाओ के संग,
सूखे पत्तो की सरसराहट,
और,
मन के उजरे कोने में,
तुम्हारे कदमो की आहट,
इन सब से अलग,
कुछ और भी उजरा है !!
मिटटी में आई दरार तो है नहीं,
की आसूओ से भर दू,
मन में आई फ़ास है,
एक काटा है जो चुभता है,
हर पल के साथ,
दिल के बंद कमरे में,
विरह के टूटे माले सा !!
कैसे बीतेगा हर पल,
दर्द के साथ,
काश की भर जाता जख्म,
वक़्त के साथ !!
उदास मन,
गरम हवाओ के संग,
सूखे पत्तो की सरसराहट,
और,
मन के उजरे कोने में,
तुम्हारे कदमो की आहट,
इन सब से अलग,
कुछ और भी उजरा है !!
मिटटी में आई दरार तो है नहीं,
की आसूओ से भर दू,
मन में आई फ़ास है,
एक काटा है जो चुभता है,
हर पल के साथ,
दिल के बंद कमरे में,
विरह के टूटे माले सा !!
कैसे बीतेगा हर पल,
दर्द के साथ,
काश की भर जाता जख्म,
वक़्त के साथ !!
Saturday, 23 October 2010
इंतज़ार की रात
सहमी सी रात में तनहा था मै,
तन्हाई थी घिरी, और सहमा था मै !!
कई वादे थे टूटे, मेरा दिल भी था टुटा,
दुनिया की भीड़ में, बड़ा तनहा था मै !!
कहने को कितने यार-यगाने थे मेरे,
जीने के और भी बहाने थे मेरे,
एक वक़्त था, जब किसी का गहना था मै,
पर आज की रात, बड़ा तनहा था मै !!
छोर आये अपनी ख़ुशी किसी और की आखो में,
सौप दी अपनी अमानत, किसी और की बाहों में,
नींद है रूठी हुई, राते मेरी जागी हुई,
कैसे बीतेगी ये रात, सहमा तनहा था मै,
सहमी सी रात में तनहा था मै,
तन्हाई थी घिरी, और सहमा था मै !!
तन्हाई थी घिरी, और सहमा था मै !!
कई वादे थे टूटे, मेरा दिल भी था टुटा,
दुनिया की भीड़ में, बड़ा तनहा था मै !!
कहने को कितने यार-यगाने थे मेरे,
जीने के और भी बहाने थे मेरे,
एक वक़्त था, जब किसी का गहना था मै,
पर आज की रात, बड़ा तनहा था मै !!
छोर आये अपनी ख़ुशी किसी और की आखो में,
सौप दी अपनी अमानत, किसी और की बाहों में,
नींद है रूठी हुई, राते मेरी जागी हुई,
कैसे बीतेगी ये रात, सहमा तनहा था मै,
सहमी सी रात में तनहा था मै,
तन्हाई थी घिरी, और सहमा था मै !!
Thursday, 24 December 2009
दर्द की तन्हाई
मै लाख छुपाता हूँ, आंसू पी जाता हूँ,
ये दर्द की तन्हाई, पर काटे नहीं कटती !!
मै सोचता रहता हूँ, रातो को जागकर,
क्यूँ मेरी दुआ ही, मांगे नहीं मिलती !!
शबनम की बूंदों में मेरे महबूब का चेहरा,
इतना तो बता दे नज़र, वो आते क्यूँ नहीं दिखती !!
मेरी बंद पलकों में मुझे महबूब है दीखता,
बावजूद इसके भी, मेरी राते नहीं कटती !!
हर जख्म दिल का बयां करना है मुश्किल,
और मेरी सिकायत भी,की वो बाते नहीं करती !!
पहले तो गम का कारवां आता जाता था रहता,
पर आजकल उनसे भी मुलाकाते नहीं मिलती !!
दुनिया के सरे गम दे दो मुझको चाहे,
मेरा गम ले लो, ये भरते नहीं भरती !!
चंद लब्जो में कैसे दिल के जज्बात कह दू,
कुछ बाते ऐसी है जो भुलाये नहीं भूलती !!
मेरा दर भरा चेहरा, उन्होंने न देखा,
वो देख जो लेते तो उनकी राते नहीं कटती !!
वैसे तो चेहरा उनका, मेरी आँखों में है कैद,
दूर होकर भी कभी चाहते नहीं मिटती !!
मेरा दर्द है ऐसा, जो रातो को जगाता है,
सब चैन से है सोते, मुझे नींदे नहीं मिलती !!
जब दुनिया जागती है, तब ये दिल सोता है,
क्या गमे-उल्फत में ऐसा ही होता है !!
ये दर्द की तन्हाई, पर काटे नहीं कटती !!
मै सोचता रहता हूँ, रातो को जागकर,
क्यूँ मेरी दुआ ही, मांगे नहीं मिलती !!
शबनम की बूंदों में मेरे महबूब का चेहरा,
इतना तो बता दे नज़र, वो आते क्यूँ नहीं दिखती !!
मेरी बंद पलकों में मुझे महबूब है दीखता,
बावजूद इसके भी, मेरी राते नहीं कटती !!
हर जख्म दिल का बयां करना है मुश्किल,
और मेरी सिकायत भी,की वो बाते नहीं करती !!
पहले तो गम का कारवां आता जाता था रहता,
पर आजकल उनसे भी मुलाकाते नहीं मिलती !!
दुनिया के सरे गम दे दो मुझको चाहे,
मेरा गम ले लो, ये भरते नहीं भरती !!
चंद लब्जो में कैसे दिल के जज्बात कह दू,
कुछ बाते ऐसी है जो भुलाये नहीं भूलती !!
मेरा दर भरा चेहरा, उन्होंने न देखा,
वो देख जो लेते तो उनकी राते नहीं कटती !!
वैसे तो चेहरा उनका, मेरी आँखों में है कैद,
दूर होकर भी कभी चाहते नहीं मिटती !!
मेरा दर्द है ऐसा, जो रातो को जगाता है,
सब चैन से है सोते, मुझे नींदे नहीं मिलती !!
जब दुनिया जागती है, तब ये दिल सोता है,
क्या गमे-उल्फत में ऐसा ही होता है !!
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